नया साल तो आया पर कुछ है जो लोग भूल गए
इस नए वर्ष में नया वर्ष तो आया , फिर भी कुछ चीजें है , जो बहुत पीछे कही छूट गईं ,
आज कल ना वो हर्ष उल्लास , देखने को मिलता है , ओर ना वो सड़को पर चित्रकारी , जो कभी हमने भी की है
वो समय बहुत उत्साह का होता था , जिसका हम इतंजार करते थे , ओर नए साल आते ही , सड़को पर चित्रकारी हर जगह शुरू हो जाती थी , एक बड़ा सा दिल और उस पर लिखा happy new year मन मोह लेता था , ओर सुबह होते ही हम अपनी पलटन मतलब दोस्तों को लेकर पूरे शहर का चक्कर लगते थे , ओर चित्रकारी का मजा लेते थे ,
ओर Greeting Cards लिखना सुरु हो जाता था तब समय इतना डिजिटल नही था , तब लोग खुद मिलते थे , ओर गुलाब के साथ ग्रीटिंग्स कार्ड्स देते थे , और घरों में अच्छे अच्छे पकवानों से स्वागत होता था ,
ओर गुलाब के फूलों की दुकानों की वो भीड़ जो बदलो में रोशनी आने से पहले लग जाती थी , ओर पूरे बाजार का चक्कर लगा आते थे और फूल खोज के लाते थे ,
ग्रीटिंग पर वो सायरी लिखना , दोस्त जरूर कमीने थे , पर सायरी अच्छी लिखते थे , पर दोस्त को सोच कर नही , ग्रीटिंग्स कार्ड्स अच्छे बाले है इसलिए ,
सुबह सुबह नए कपड़े पहन कर तैयार हो जाते थे , मानो ऐसा लगता था कि , आज सब कुछ मिलने वाला ह वो खुशी ही कुछ और थी,
पर आज लोग Digital हो गए , एक ही मैसेज को फॉरवर्ड कर कर के new year wish कर देते है ,
आज में पहले जैसा कुछ नही रह गया
इस नए वर्ष में नया वर्ष तो आया , फिर भी कुछ चीजें है , जो बहुत पीछे कही छूट गईं ,
आज कल ना वो हर्ष उल्लास , देखने को मिलता है , ओर ना वो सड़को पर चित्रकारी , जो कभी हमने भी की है
वो समय बहुत उत्साह का होता था , जिसका हम इतंजार करते थे , ओर नए साल आते ही , सड़को पर चित्रकारी हर जगह शुरू हो जाती थी , एक बड़ा सा दिल और उस पर लिखा happy new year मन मोह लेता था , ओर सुबह होते ही हम अपनी पलटन मतलब दोस्तों को लेकर पूरे शहर का चक्कर लगते थे , ओर चित्रकारी का मजा लेते थे ,
ओर Greeting Cards लिखना सुरु हो जाता था तब समय इतना डिजिटल नही था , तब लोग खुद मिलते थे , ओर गुलाब के साथ ग्रीटिंग्स कार्ड्स देते थे , और घरों में अच्छे अच्छे पकवानों से स्वागत होता था ,
ओर गुलाब के फूलों की दुकानों की वो भीड़ जो बदलो में रोशनी आने से पहले लग जाती थी , ओर पूरे बाजार का चक्कर लगा आते थे और फूल खोज के लाते थे ,
ग्रीटिंग पर वो सायरी लिखना , दोस्त जरूर कमीने थे , पर सायरी अच्छी लिखते थे , पर दोस्त को सोच कर नही , ग्रीटिंग्स कार्ड्स अच्छे बाले है इसलिए ,
सुबह सुबह नए कपड़े पहन कर तैयार हो जाते थे , मानो ऐसा लगता था कि , आज सब कुछ मिलने वाला ह वो खुशी ही कुछ और थी,
पर आज लोग Digital हो गए , एक ही मैसेज को फॉरवर्ड कर कर के new year wish कर देते है ,
आज में पहले जैसा कुछ नही रह गया



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