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राष्ट्रीय सिस्टर दिवस 2019 बहन से बढ़कर कोई नहीं सिस्टर दिवस पर खास 

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आखिर क्या होती हैं बहने ----->  बहन माँ के बाद घर की वो महिला व लड़की होती है | 
जो घर को संभालती है 

जो हमारे खाने से लेकर हमारे सोने तक सबका ध्यान रखती है 

जब भी हमें किसी भी चीज की जरूरत होती ह तो सबसे पहले वो ही हमें वो लाके देती ह 

हमारा बिलकुल माँ की तरह ख्याल रखती ह 

बहन घर में होती ह तो घर की रौनक लाखो गुना बढ़ जाती है 

भाई बहन की वो लड़ाई झगड़े और वो सरारते बात ही कुछ  और ह 

और जब तक एक दूसरे को तंग न करो मन ही नहीं मानता 

बहन जैसा सायद ही कोई और हो दुनिया में  
हर बात में हमारा पक्ष लेने वाली भी बहन ही होती है 

वो खुद स्कूल जाती ह पर उससे पहले पापा को खाना देना हो या टिफिन पैक करना हो | तुरंत मैनेज कर देती है 

ऐसी होती है बहने 


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मुझे आज भी याद है | जब मम्मी की पोस्टिंग कही और होती थी तब मेरी सिस्टर मेरा पूरा ख्याल रखती थी मेरे स्कूल टिफिन से लेकर खाने से लेकर सोने तक का सारा इंतजाम करती थी 
और खाना खिलाके टिफिन बनाके वो खुद स्कूल जाती थी 

काश ऐसी बहने सबको मिले -----

और में नादान था कभी लड़ता था कभी बात नहीं मानता था 

परेशान करता था 

और वो फिर भी कुछ नहीं कहती थी 

दीदी तुम बहुत अच्छी हो में कभी कह तो नहीं पाया पर आज कोशिश कर रहा हु 
तुम जैसा सायद ही दुनिया में कोई और हो 

मेरी खुश नसीबी है की ऐसे माँ बाप और ऐसी बहने मुझे मिली 

में आप सभी को बहुत प्यार करता हु 

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बहन या लड़की होना कोई आसान काम नहीं है 

बहुत सारी जिम्मेदारियां होती ह जो उसे बचपन से ही निभानी पड़ती है 

और हम तो जिम्मेदारी निभाने लायक होने के लिए 20 - 25 साल ले लेते है 
और उसके बाद शादी फिर किसी के घर की बहन आती ह और वो जिम्मेदारी संभालती है 

घर का सारा दारोमदार सिर्फ लडककियो पर ही होता है 

वही हमारा या किसी का वंश आगे ले जाती है 

फिर भी उन्हें जमाना , ममोहल्ला सबके ताने सुनने पड़ते है 

कई तरह की बंदिशे लगा दी जाती ह कभी समाज तो कही कोई और 
हर जगह बस सुन्ना ही पड़ता है 

फिर भी वो अपनी जिम्मेदरी नहीं भूलती 

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जमाना जहा आज भी लड़कियों को अपनाया नहीं जाता , आज भी कही कही यह सोच है 
कोख में ही उनकी हत्या कर दी जाती है 
जाने कैसे है वो लोग जो ऐसा करते है 

पहले तो लड़कियों को हर अधिकार से वंचित रखा जाता था 
संविधान ने अधिकार तो दे दिए पर अभी भी वो पहले की सोच लोगो के दिमाग से नहीं गई 

ऐसे लोग समाज के नाम पर धब्बा है 

जो लड़कियों का शोषण करते है 

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आज कल अखबारों में आम बात हो गई किसी का बलात्कार हो गया कही न कही किसी न किसी कोने में मि ही जायेगा  आज कल तो 4 - 5 साल की बच्चियों को भी नहीं बक्शा जा रहा ऐसी हैबनियत है लोगो में ऐसे लोगो दुनिया के किसी कोने में रहने का कोई हक़ नहीं ह  


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और आज की सरकार इन्हे न्याय देने की वजह कही इन पर राजनीति करती नजर आती है तो कही इनका बचाव करते नजर आती है 

धित्कार है ऐसी सरकारों पर और ऐसे लोगो पर 

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अभी हाल की ही बात ह जहा एक विधायक किसी लड़की का रेप कर देता ह और वो लड़की न्याय के लिए जाती है | जहा न्याय के लिए जाती ह कानून का दरवाज़ा खटखटाती है 

तो पहले उसके पिता को थाने में मर दिया जाता है 

और उसके परिवार वालो पर हमले होते है 
और खुद उसे ही मारने की कोशिश होती ह 

कही ट्रक से मारने की कोशिश होती है 

पर सरकार बस तमाशा देखती है  और वो लोग जो महिलाओ की सुरक्षा की बात करते ह जो एक मूवी के लिए तांडव करने के लिए तैयार हो जाते है कोई नजर नहीं आता 

और सबसे शर्म की बात तो यह ह की महिला नेता मंत्री या कोई भी इसके बचाव में नहीं उतरता 

क्या हम इतने कठोर हो गए ह जो किसी की बहन बेटी के साथ यह सब हो रहा और हम चुप बैठे है 

और यही नहीं यहाँ भी जात पात का बहुत बोल बाला है हर जगह जाती देखी  जाती है हिन्दू मुस्लिम देखा जाता है  |  जहा ऐसी सोच हो वह न्याय की क्या उम्मीद की जा सकती है 

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मंजर तो यहाँ तक ह की सरकार से सवाल पूंछो तो आप देशद्रोही हो जाते हो 
इस पर एक्शन ले लिया जाता ह 

मूवी रिलीज़ रुकवाना हो या हुंदु मुस्लिम करवाना हो पूरा देश बंद हो जाता है 

पर एक बहन बेटी को न्याय की बात हो तो मुँह फेर लेना तब कहा मर जाते ह यह लोग 

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लिखने बैठूंगा तो लिखने को तो बहुत ह पर आज हमें यह शपथ लेनी चाहिए की बहन बेटी किसी की भी हो किसी भी धर्म या किसी भी जाती हम सबको इसके ऊपर उठकर इंसानियत के रास्ते चलकर हम उसकी रक्षा करेंगे 
और न्याय के लिए हमेशा लड़ेंगे =========================



सभी को हैप्पी सिस्टर डे ---------------------------------------------------------------------------------------------

एक बात और सिस्टर किसी की भी हो हमारा फर्ज बनता है की उसकी रक्षा करे 
क्यूंकि वो भी किसीके घर की बेटी ह बहु ह बहन ह 
हमें अपना समझ कर इतना तो करना ही चाहिए नहीं तो हमें इंसान कहलाने का कोई हक़ नहीं है 

=============================================== mohit kumar=============



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